Tuesday, 19 July 2011
अब तक तो हम ये भी पता नहीं लग्गा पाए है कि मुम्बई हमला किसने किया ?...दोषियों को पकड़ना तो दूर कि बात ! भारत की छवि दुनिया में धूमिल हो रही है !
और हम दुनिया के सामने क्या सन्देश दे रहे है , संकट की घडी में भी हम राजनीती करने से बाज़ नहीं आ रहे है , राहुल गाँधी 1 % हमले तो हो सकते हैं कहकर सरकार की दुलमुल निति को बता रहे है !... राहुल ने भी अपरिपक्वता का परिचय दिया है .... वर्तमान सरकार शासन करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है !.......इसलिए कांग्रेस शासन चलने की बजाय सता में बने रहने का जुगाड़ कर रही है !
Thursday, 14 July 2011
Surender Ahlawat: It is shamful 4 us ?
Surender Ahlawat: It is shamful 4 us ?: "abhi tak to hum ye hi nahi pata kar payen hai ki blast karne wala kyon hai ?..... doshiyo ko girftar karna to door ki baat ?....kya bhagwan..."
It is shamful 4 us ?
abhi tak to hum ye hi nahi pata kar payen hai ki blast karne wala kyon hai ?..... doshiyo ko girftar karna to door ki baat ?....kya bhagwan bharose hi desh chal raha hai ?
Tuesday, 12 July 2011
प्रधानमंत्री का मंत्री मंडल में फेर बदल .....................
मंत्रिमंडल का फेर बदल नयी बोतल में पुरानी शराब डालने के सामान है .......... या फिर जैसा की शरद यादव जी ने कहा है कि ये कमरे में बैड- सोफे बदलने के समान है , कमरा वही है !
Monday, 11 July 2011
क्या दिग्विजय सिंह कोर्ट से भी ऊपर है ?
अभी मैंने जी न्यूज़ पर दिग्विजय का बयान देखा === मैं हैरान रह गया ?===दिग्विजय बोला ,== सरेआम लोगो के सामने बोला== कि कोर्ट को सुरेश कलमाड़ी की जमानत चार्ज शीट पेश होने के बाद लेनी चाहिए थी !== कोर्ट को भी सोचना चाहिए ?----- दिग्विजय आम आदमी नहीं ये राहुल गाँधी के वार रूम का सरदार यानि अकबर का बलबन है !------क्या भारत का लोकतंत्र आपातकाल की तरफ बढ रह है ? अब तो कोर्ट को भी कोस डाला ?....शुक्र है ये नहीं कहा कि ये भी हिन्दू आतंकवाद कि योजना से हुआ ?
Lathi charge on 4th june------------delhi police ka safed jhooth
suprem court ke samane delhi police ka Baba Ramdev ke anshan par lathi-charge se inkaar ?--------kya ajeeb baat hai , jis kand ko duniya ne tv par live dekha delhi police us baat se inkaar kar rahi hai . aisa karke kya delhi police suprem court ko gumrah nahi kar rahi hai ? ya fir kanun ki pechidgeyon ka fayda utha rahi hai ?
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